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बेबी होने के बाद अपनी मैरिड लाइफ में रोमांस और इंटिमेसी वापस लाने के 10 टिप्स

By Dr. Ritu BansalUpdated May 20262 min read
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Dr. Ritu Bansal · MA (Psychology), M.Phil (Clinical Psychology)

जब आप आईने में देखती हैं, तो आपको खुद को पहचानना मुश्किल हो जाता है - एक नई मां, जो पूरी तरह थक चुकी है और जिसे लगता है कि बच्चे के आने के बाद कहीं न कहीं वो खुद को खो चुकी है। आप अकेली नहीं हैं, ऐसी फीलिंग बहुत नॉर्मल है। कई इंडियन महिलाएं बेबी होने के बाद अपने पार्टनर से डिस्कनेक्टेड महसूस करती हैं और लगता है कि शादी का वो पुराना स्पार्क कहीं गायब हो गया है। लेकिन यकीन मानिए, थोड़ी सी कोशिश और धैर्य के साथ आप फिर से उस प्यार को जगा सकती हैं और अपने रिश्ते को पहले से भी ज्यादा मजबूत बना सकती हैं।

Community Advice Disclaimer: This guide is based on community experiences and lifestyle advice. It is not a substitute for professional medical, psychological, or legal advice. Always consult a qualified healthcare provider for personal diagnoses or treatments.

What You'll Need

  • धैर्य (patience)
  • बातचीत (communication)
  • क्वालिटी टाइम
  • रोमांटिक जेस्चर्स
  • सेल्फ-केयर
1

इमोशनली फिर से कनेक्ट करें

बेबी की देखभाल में हम अक्सर पार्टनर को भूल जाते हैं। दिन में थोड़ा समय ऐसा निकालें जब आप दोनों बैठकर अपने दिल की बात कर सकें। इससे आप इमोशनली फिर से कनेक्ट हो पाएंगी और बॉन्ड मजबूत होगा।

रोजाना कम से कम 10-15 मिनट का 'us time' निकालें, जिसमें सिर्फ आप दोनों बातें करें।

Keep in mind: खुद का ख्याल रखना न भूलें, अगर आप थक गई हैं तो ब्रेक जरूर लें ताकि आप बर्नआउट न हों।

2

डेट नाइट्स के लिए समय निकालें

डेट नाइट्स पुरानी बातें लग सकती हैं, लेकिन बेबी के बाद ये और भी जरूरी हैं। घर पर ही एक शांत डिनर या बाहर वॉक पर जाना भी काफी है। इससे रिश्ते में स्पार्क बना रहता है।

Worth knowing: हफ्ते में कम से कम एक बार डेट नाइट प्लान करें और बेबी को किसी भरोसेमंद फैमिली मेंबर या नैनी के पास छोड़ें।

अपने लिए समय निकालने पर गिल्ट महसूस न करें, यह आपके रिश्ते और बच्चे की परवरिश दोनों के लिए अच्छा है।

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3

फिजिकल टच को प्राथमिकता दें

फिजिकल टच किसी भी रिश्ते की नींव है। एक-दूसरे का हाथ पकड़ना या गले मिलना 'लव हार्मोन' (ऑक्सीटोसिन) रिलीज करता है, जिससे आप दोनों के बीच का रिश्ता और गहरा होता है।

दिन भर में छोटे-छोटे फिजिकल टच जैसे हग या किस को प्राथमिकता दें।

Keep in mind: इंटिमेसी का मतलब सिर्फ सेक्स नहीं है, छोटे-छोटे जेस्चर्स भी बहुत पावरफुल होते हैं।

Step 4

अपनी जरूरतों के बारे में बात करें

अक्सर हम उम्मीद करते हैं कि पार्टनर खुद समझ जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं होता। अपनी जरूरतों को साफ-साफ और प्यार से बताएं। इससे गलतफहमियां कम होती हैं और रिश्ता बेहतर बनता है।

अपने पार्टनर से अपनी जरूरतों और इच्छाओं के बारे में खुलकर बात करें।

यह न सोचें कि पार्टनर को सब पता है, अपनी बात क्लियरली और रिस्पेक्ट के साथ कहें।

5

सपोर्ट लें

बेबी के साथ सब कुछ अकेले संभालना मुश्किल हो सकता है। पार्टनर, फैमिली और दोस्तों से मदद मांगने में बिल्कुल न हिचकिचाएं।

फैमिली और फ्रेंड्स का एक सपोर्ट सिस्टम बनाएं जो बच्चे की देखभाल में आपकी मदद कर सकें।

Keep in mind: मदद मांगना कमजोरी नहीं, बल्कि समझदारी है।

PurpleGirl Insight

"याद रखें, इंटिमेसी का मतलब सिर्फ फिजिकल टच नहीं होता, यह इमोशनल कनेक्शन के बारे में भी है। इसलिए एक-दूसरे से बात करने, सुनने और एक-दूसरे की जरूरतों को समझने के लिए समय जरूर निकालें।"

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Frequently Asked Questions

बेबी होने के बाद इंटिमेसी वापस आने में कितना समय लगता है?
बेबी होने के बाद इंटिमेसी वापस लाने में समय लग सकता है और हर कपल का एक्सपीरियंस अलग होता है। धैर्य रखें और बातचीत, फिजिकल टच और क्वालिटी टाइम को प्राथमिकता दें। थोड़ी मेहनत से आप अपने रिश्ते को फिर से खूबसूरत बना सकती हैं।
अगर बेबी के बाद मुझे अपने पार्टनर के लिए अट्रैक्शन महसूस नहीं हो रहा, तो क्या करूं?
बेबी के बाद पार्टनर के प्रति अट्रैक्शन कम महसूस होना बहुत कॉमन है, क्योंकि शरीर में हार्मोनल बदलाव, थकान और स्ट्रेस बहुत ज्यादा होता है। फिजिकल टच और बातचीत पर ध्यान दें। समय के साथ और एक-दूसरे को समझने से यह अट्रैक्शन वापस आ जाता है।
मैं मदरहुड की जिम्मेदारियों और अपने रिश्ते को कैसे बैलेंस करूं?
मदरहुड और मैरिड लाइफ को बैलेंस करना थोड़ा मुश्किल है, लेकिन नामुमकिन नहीं। रेगुलर 'डेट नाइट्स' प्लान करें और अपनी जरूरतों के बारे में पार्टनर से खुलकर बात करें। जब जरूरत हो, मदद मांगने में संकोच न करें और खुद का ख्याल (self-care) जरूर रखें।

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Dr. Ritu Bansal

MA (Psychology), M.Phil (Clinical Psychology)

Licensed Counsellor & Psychotherapist

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